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आयुष्मान भारत 2.0 योजना में मध्यवर्गीय परिवार के 40 करोड़ लोगों को मिलेगा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज

केंद्र सरकार देश को स्वस्थ रखने के लिए आयुष्मान भारत योजना लेकर आई। इसने हर गरीब व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से निपटने के लिए किसी का मुंह नहीं देखना पड़े, इसकी व्यवस्था कर दी।

इसके तहत गरीब व कमजोर परिवार के लोगों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है। इस योजना के तहत करीब 50 करोड़ लोगों को लाभ दिया जा चुका है। अब इसके बाद योजना का दूसरा चरण आयुष्मान भारत 2.0 योजना शुरू करने पर मंथन चल रहा है।

इसमें मध्यमवर्गीय परिवारों को 5 लाख रुपये तक का बीमा देने की योजना है। योजना की रूपरेखा तैयार की जा रही है और इसके तहत 40 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने का इरादा है। आइए जानते हैं क्या है आयुष्मान भारत 2.0 योजना।

मध्यमवर्गीय परिवारों को लाभ देने का उद्देश्य

केंद्र सरकार ने पिछले साल आम चुनाव से पहले भारत में आयुष्मान भारत 2.0 की तैयारी की थी। अब यह योजना मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत 40 करोड़ नए मध्यमवर्गीय आय वाले लोगों को स्वास्थ्य बीमा देने की योजना बनाई जा रही है। नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय जनसंख्या इस वर्ग को सुविधा देने की सारी रूपरेखाएं तैयार कर रहे हैं।

योजना को लेकर चल रहा विचार-विमर्श

भारत सरकार आयुष्मान भारत की तर्ज पर आयुष्मान योजना का दूसरा चरण लागू करने के लिए आर्थिक समस्याओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श के साथ ध्यान लगाते हुए अन्य विकल्पों की खोज कर रही है, ताकि मध्यमवर्गीय परिवारों को लाभ पहुंचाने वाली योजना को जल्द से जल्द लागू किया जा सके।

निति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय जनसंख्या प्रस्तावित योजना की रूपरेखा तैयार करने में जुटे हैं। इसके अलावा, अन्य विकल्पों पर भी ध्यानपूर्वक विचार-विमर्श किया जा रहा है, ताकि लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल सके।

आंशिक योगदान पर भी किया जा रहा गौर

सूत्रों की मानें तो योजना लागू करने के लिए केंद्र कई सारे विकल्पों को विशेषज्ञों की नज़र से जांच रही है। इससे सरकार को पड़ने वाले वित्तीय बोझ के साथ योजना को लागू करने की चुनौतियां पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में इसको लागू करने के बाद कोई समस्याएं ना उत्पन्न हों।

आयुष्मान भारत 2.0 योजना के अंतर्गत शामिल होने वाले लोगों से आंशिक योगदान या टॉप-अप प्राप्त करने के भी विकल्पों पर गौर किया जा रहा है और उसका रास्ता तलाशा जा रहा है।

90 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने का मकसद

आयुष्मान योजना के पहले चरण में करीब 50 करोड़ लोगों को इसके तहत कवर किया गया, ताकि मुश्किल वक्त में उन्हें सही से मुफ्त इलाज मिल सके। अब दूसरे चरण में मध्यवर्गीय परिवारों के 40 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने की केंद्र सरकार की मंशा है।

ऐसे में दोनों को जोड़ दिया जाए तो 90 करोड़ लोगों को योजना का लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। यह देश की कुल आबादी का 75 प्रतिशत हिस्सा होगा।

निजी बीमा कंपनियों से की जा चुकी है बात

कई निजी कंपनियां इसके लिए समर्पित उत्पाद विकसित करने की कोशिशों में जुटी है। सरकार इनकी व्यवहार्यता बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी की व्यवस्था करना चाहती है। नीति आयोग इसको लेकर पहले ही कई बीमा कंपनियों से बात कर चुका है। वहीं, इससे संबंधित मसौद जल्द ही नीति आयोग के पास आ सकता है।

2018 में शुरू की गई थी योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में कम आय वाले लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस देना शुरू किया था। यह योजना करीब 50 करोड़ गरीब व कमजोर परिवारों को दी जा चुकी है। सरकार इसका पूरा लाभ देती है, ताकि गरीब तबके के लोगों को आर्थिक दबाव के चलते किसी तरह की कोई क्षति ना हो।

 

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